वैदिक आर्य समाज मंदिर (रजि.) में आपका हार्दिक स्वागत है
जहाँ वैदिक ज्ञान, आध्यात्मिकता, सत्य और सेवा — जीवन का आधार माना जाता है।
हमारा उद्देश्य समाज को वेदों के शाश्वत संदेश, सत्य-धर्म, और मानव कल्याण की दिशा में प्रेरित करना है।
यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा, समर्पण और आत्म-विकास का केंद्र है — जहाँ हर व्यक्ति को वैदिक सिद्धांतों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
आर्य समाज के दस नियम
१.सब सत्य विद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदि मूल परमेश्वर है।
२.ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजन्मा, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है — उसी की उपासना करनी योग्य है।
३.वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तकें हैं। वेद का पढ़ना, पढ़ाना और सुनना–सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।
४.सत्य को ग्रहण करना और असत्य को छोड़ने में सदैव उद्यत रहना चाहिए।
५.सब काम धर्मनुसार अर्थात् सत्य और असत्य की परख करके करने चाहिए।
६.संसार का उपकार करना — यही संसार का मुख्य उद्देश्य है, अर्थात शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना।
७.सबसे प्रीतिपूर्वक, धर्म के अनुसार, यथायोग्य व्यवहार करना चाहिए।
८.अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए।
९.प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिए, किन्तु सबकी उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिए।
१०.सब मनुष्यों को समाजिक सबहितकारी नियमों का पालन करना चाहिए एवं सब स्वाधीन रहें।
आर्य समाज का उद्देश्य
वेदों के ज्ञान का प्रचार और प्रसार
वैदिक हवन एवं यज्ञ परंपरा का संवर्धन
समाज में सत्य, धर्म और सदाचार की स्थापना
संस्कारों के माध्यम से परिवार और समाज का उत्थान
युवाओं को वैदिक संस्कृति से जोड़ना
सेवा, शिक्षा और मानवता की भावना को बढ़ावा देना
आर्य समाज की प्रमुख सेवाएँ
आर्य समाज वैदिक मंदिर में सभी वैदिक संस्कार एवं अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न किए जाते हैं:
नामकरण संस्कार
उपनयन (जनेऊ) संस्कार
विवाह (वैदिक रीतियों से)
गृहप्रवेश एवं वास्तु हवन
शांति हवन एवं मंगल यज्ञ
सत्संग एवं वैदिक प्रवचन
सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम
आर्य समाज की मान्यताएँ
हम महार्षि दयानन्द सरस्वती के सिद्धांतों का अनुसरण करते हैं —
“सत्य को स्वीकार करो, असत्य का त्याग करो।”
आर्य समाज का विश्वास है कि वेद मानवता का सर्वश्रेष्ठ और प्रथम ज्ञान है, और वेदों का पालन जीवन को पवित्र, शक्तिशाली और उन्नत बनाता है।
आर्य समाज की प्रतिबद्धता
आर्य समाज सदैव समाज-सेवा, मानव उत्थान और आध्यात्मिक विकास के लिए समर्पित है।
मंदिर में हर आयु, वर्ग और पृष्ठभूमि के लोगों का खुले मन से स्वागत किया जाता है।
आपका स्वागत है!
आर्य समाज वैदिक मंदिर में आपका आगमन केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, प्रेरणा और नई ऊर्जा का मार्ग है।
हमसे जुड़ें और वैदिक जीवन के उज्ज्वल पथ पर आगे बढ़ें।
Quick Links
Latest Updats
Address
Vedic Arya Samaj Mandir, Sainik Colony,near Dwarika Hopital, Mahilong,Tatisilwsi, Ranchi, Jharkhand (835103)
- info@vedicaryasamajmandir.org
- +91-9888161380
- +91-7814220522
